तुम्हें अच्छा तो लगा न?मैंने कहा- हाँ भाभी, बहुत मजा आया था !तभी भैया की आवाज आई- यामी, कहाँ हो?तो भाभी ने कहा- मैं यहाँ किचन में हूँ।तब भैया रसोई में आए तो भैया ने भी कपड़े नहीं पहने थे, वो भी नंगे थे, मेरी नजर उनके लंड के तरफ गई जो छोटा सा सिकुड़ा हुआ नीचे लटक रहा था, उनके चलने से दाएं बाएं हिल भी रहा था। भैया आकर डायनिंग टेबल की कुर्सी पर बैठ गए और कहा- यामी, चाय तो पिलाओ यार !तो भाभी ने कहा- दूध तो खत्म हो गया है, मैंने और नव्या ने अभी अभी कॉफी पी ली है।तब भैया भाभी पर गुस्सा करने लगे- तुम्हें पता है न कि मुझे सुबह सुबह चाय पीने की आदत है?तो भाभी ने कहा- थोड़ी देर रुक जाओ ना, दूध वाला आता ही होगा, फिर बना दूंगी चाय, तब तक आप मेरा दूध पी लो !और भाभी भैया की गोद में बैठ गई और अपने एक स्तन को भैया के मुँह में डाल दिया और कहने लगी कि इनमें बहुत सारा दूध भर गया है, तो ये भारी हो गए हैं, तुम ही दूध पीकर कुछ कम कर दो! हिंदी XXX फिर मैं रूम के अंदर गई और भैया भाभी को कहा- चलो, मैंने टेबल पर खाना लगा दिया है !















