तूने इस महीने ही पगार मुझे क्यूँ नही दी??” मैंने उससे पूछा तो वो बोला की सब खर्च हो गयी।“क्या….१२ हजार रुपए तूने किस काम में खर्च कर दिए???” मैंने पति को आँख दिखाते हुए पूछा.वो मुझे जवाब ना दे पाया। और उसने ताल मटोल कर दिया। दोस्तों, इसी तरह उसने मुझे लगातार ५ महीने में १ रुपया लाकर नही दिया। जब मैं उससे कुछ पूछती तो वो इधर उधर का बहाना मारने लगा जाता जैसे- बीमे की क़िस्त चुका दी, राशन ले आया, शराब पी गया, बच्चों की फिस भर दी।एक दिन मेरे पड़ोस की औरत ने उसे अपनी मालकिन मिसेज शरमा के साथ घूमते देखा। अब जाकर मुझे उसकी करतूत पता चली। मैं अपने पति की जासूसी करने लगी। वो जहाँ मिस्टर सक्सेना के बंगले पर काम करता था, उनकी ही औरत से मेरा मर्द फंस गया था। एक दिन मैं उसे रंगे हाथों पकड़ने के लिए दोपहर ठीक २ बजे सक्सेना जी के बंगले में गयी।जब मैं अंदर बगले में पहुच गयी तो मेरा पति उपेन्द्र कहीं नही दिखाई दिया। एक कमरे से जोर जोर से सेक्स की गर्म गर्म आवाजे आ रही थी। उस कमरे का दरवाजा खुला हुआ था। मैं पति उपेन्द्र को ढूढती हुई उस कमरे में चली गयी। मैंने जो देखा उस देखकर मेरी आँखें और गाड़ दोनों फट गयी। उपेन्द्र मिसेस सक्सेना को अपनी बाँहों
>
होली के मौके पर मैंने एक लड़की को घर लाकर उसकी चूत मारी, बहुत मज़ा आया
Related videos














