फिर किसी को ना आते देख चाचा जी ने एक दो बार अपना लंड झटका और पज़ामे में वापस उसको अंदर डालकर नाड़ा लगा लिया.वो जाते जाते मेरी मुस्कुराए और वो कहने लगे कि माफ़ करना, मुझे अंदर से दरवाजे को बंद कर लेना चाहिए था। फिर मैंने भी मुस्कुराते हुए कहा कि कोई बात नहीं है चाचा जी ऐसा कभी कभी गलती से हो जाता है और मुझे भी आने से पहले दरवाजे को खटखटाकर अंदर आना चाहिए था। इसमे गलती तो कुछ मेरी तरफ से भी है, लेकिन यह सब जैसा भी था बहुत अच्छा था.और वो मेरा जवाब सुनकर अपने कमरे में चले गये और फिर क्या था? XXX Hindi दरवाजे से एक सुंदर सा रास्ता जो घर के बरामदे तक था और एक बड़ा सा गार्डन जिसमे कुर्सिया लगी थी और बरामदे में एक बड़ा सा झूला भी लगा हुआ था और वो घर एकदम फ़िल्मो जैसा सुंदर आकर्षक था।फिर मैंने देखा कि दरवाजे पर मेरे चाचा हमारा बड़ी बेसब्री से इंतजार कर रहे थे, मेरी चाचा जी थोड़ी छोटे कद की वो करीब पाँच फुट सात इंच की थोड़ी मोटी और एकदम गोरी चिट्टी बड़ी सुंदर नाकनक्श की थी। फिर मेरे चाचा उस समय कार्गो पेंट और आधी बांह की शर्ट पहने हुई थी.और शर्ट के अंदर उन्होंने सफेद टी-शर्ट उन्होंने थोड़ा मोटा होने की वजह से अपनी उस










