तो इस धक्कम पेल में मेरा हाथ उनकी चूत को काफ़ी बार टच कर गया।वो और मस्ती में आ गई.. हिंदी XXX यह कहानी मेरी और मेरी विधवा भाभी की है। भाभी का नाम रेशमी है, एकदम मस्त माल सबका लंड खड़ा कर देने वाला फिगर है 32-28-34 का, रंग दूध की तरह सफेद! तो इस धक्कम पेल में मेरा हाथ उनकी चूत को काफ़ी बार टच कर गया।वो और मस्ती में आ गई.. मैंने उनके कमीज़ में हाथ डाल कर उनकी चुची पर खूब रंग लगाया, मेरे पकड़ने से मेरा लंड उनके कूल्हो के बीच में चुभने लगा जिससे वो भी मस्ती में मस्त हो गई.उन्होंने अंजान बनते हुए मेरे लंड को छू लिया और उसे भींच दिया.. वो कहने लगी- अभी नहीं, कोई देख लेगा। मैंने उनसे मिलने के लिए बोला, वो मान गई। फिर एक दिन उन्होंने मुझे रात के 11 बजे मिस कॉल दी… मैंने कॉल किया तो उन्होंने बाहर आने के लिए बोला। मैं तुरंत चला गया।भाभी जी बाहर इंतजार कर रही थी, वो मुझे सरसों के खेत में लेकर गई जहाँ से कुछ सरसों काट रखी थी। वहाँ पर उन्होंने एक दरी बिछाई जो पहले से ही वहाँ रखी थी। मैंने आव देखा ना ताव… भाभीजी को पकड़ के पागलों की तरह चूमने लगा…कभी होंट तो कभी उनकी छाती… कपड़ों के ऊपर से ही उनकी चुची को हल्का















