मैंने अपना नजर इधर उधर मारना सुरु किया, मेरे फर्स्ट फ्लोर पे एक कपल रहता था.वो हरयाणा का रहने बाला था जिम में ट्रेनर था, उसका नाम था, भानु, भानु बहुत ही हठा कठ्ठा, लंबा चौड़ा, उसने शादी भाग कर की थी और वो अपने वाइफ के साथ रहता था. तो भानु ने कहा क्यों भाभी मेरा बर्दास्त होता, मैं तो जाट मुंडा हु, मैं भी अपना टाइम खराब नहीं करते हुए कह दिया. XXX Hindi करीब ३० मिनट बाद उठे और फिर कहना खाये और दारु पिए दोनों मिलकर, रात के करीब बारह बज गए थे. मेरे पापा मम्मी मेरे घर से करीब १ किलोमीटर की दूरी पर ही रहते है. जब मैं चलती थी तो मेरे नितम्भ जब हिलता था तो लोगो की आँख फटी की फटी रह जाती थी. मैं अपने दिल की बात आज मैं आपको बता रही हु, क्यों की कभी कभी दिल की भी सुननी जरूरी होती है, हां मैं डंके की चोट पे कह रही हु, की मैंने कई सारे गैर मर्दो से रिश्ता बनाया, मुझे सेक्स का स्वाद लग गया था, गैर मर्दो से. मुझे बहुत तेज का गुस्सा आता था उस समय, आप ही बताओ मेरे दोस्तों, जब मैं सेक्स की दरया में बह रही होती थी उस समय मुझे कोई किनारे लगाने की कोशिश करता हो तो कैसा लगेगा.मुझे लगता था मेरा पति अपना















