तो उसने ‘आह..’ की आवाज़ के साथ मेरा लंड अपनी चूत में ले लिया। मैंने अब धक्के लगाने शुरू कर दिए और वो हर धक्के के साथ मेरा साथ देने लगी। मेरे हर धक्के के साथ उसकी आवाज़ उस कमरे में गूँज रही थी।कुछ मिनट तक यूं ही धक्के लगाने के बाद मैंने उसको अपने ऊपर आने को कहा तो वो मेरे ऊपर आकर मुझे चोदने लगी, वो इतनी मस्ती से चुदाई कर रही थी जैसे कि वो मुझे ही चोदने आई हो। थोड़ी देर तक धक्के देते-देते वो झड़ गई और निढाल होकर मेरे ऊपर लेट गई।अब मैंने उसको अपने नीचे लिया और फिर से धक्के लगाने के तैयार हो गया। उसकी चूत से उसका रस निकल रहा था.. तो उसने आगे होकर गांड में से मेरा लंड निकाल दिया। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.वो कहने लगी- मैं गांड में नहीं लूँगी।मैंने नई तरकीब सोच कर उससे कहा- तो चल अब मुँह में ले ले।उसने फिर से मना कर दिया, वो कहने लगी- अब तो मेरी चूत भी दर्द करने लगी है.. हिंदी XXX पैसे लिए और घर चली गई। जाने से पहले उसने मुझे एक बात कही- आज पहली बार आपने मुझको स्वर्ग दिखाया है।नहीं तो यार किसी लड़के के बस का ये नहीं है। आजकल के टाइम में कोई भी लौंडा मेरी जैसे किसी लड़की















