शर्म आ रही है मुझे।मैं– मामीजी अब शर्माना छोड़ो और मुझे मज़ा लेने दो।मामीजी– अरे यार तू नहीं मानेगा।तभी मैंने मामीजी की चड्डी को उनकी टांगो में से निकालकर सरसो के पौधों पर टांग दी। अब मामीजी ने टांगे भिचकर चूत को छुपा लिया लेकिन मै भी कहां कम था? हिंदी XXX मामीजी आपकी गांड़ भी बहुत ज्यादा सेक्सी है। मज़ा आएगा आज तो।फिर मै मामीजी की गांड को अच्छी तरह से बजाने लगा। मुझे मामीजी की गांड को बजाने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था। मामीजी को थोड़ा थोड़ा दर्द हो रहा था।मामीजी– आईईईई यार प्लीज थोड़ा धीरे धीरे मार।मैं– मामीजी गांड़ को तो ज़ोर से बजाने दो।फिर मैंने थोड़ी देर में मामीजी की गांड को बजा बजाकर मामीजी के मस्त चूतड़ों को लाल कर दिया। अब मैं मामीजी के मस्त शानदार चूतड़ों को चूमने लगा। वो आतुर होकर सरसो के पौधों को मुट्ठियों में कस लिया और उन्हें दबाने लगी। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.मैं मस्त होकर उनके सेक्सी चूतड़ों पर किस कर रहा था। मामीजी बहुत ज्यादा बैचेन हो रही थी। वो बार बार मछली की तरह इधर उधर हिल रही थी। मामीजी के चूतड़ों को किस करने के बाद मैंने मामीजी की गांड के छेद में उंगली डाल दी। तभी मामीजी एकदम से घोड़ी की तरह बिदक गई।मामीजी– आईईईई ये क्या कर रहे















