उनकी छाती बहुत ही गोरी, बहुत ही सुंदर थी. करके भावना चाची गर्म गर्म सिस्कार भरने लगी. हिंदी XXX मैं अपनी प्यारी चाची को खाने लगा. मैंने हाथ से जोर जोर से भावना चाची की छातियाँ दबाने लगा. कुछ करने से मतलब लडकी को चोदने से था. मन हुआ की अपनी चाची की इसी ट्रेन में गिराकर चोद लूँ और इनकी गांड भी मार लूँ. चाची का पल्लू हटा दिया. खैर अभी मैंने कोई रिस्क लेना सही नही समझा. अगर तुम्हारे चाचा की हमारे चुदाई कांड के बारे में पता चल गया तो मुझे घर से निकाल देंगे’ चाची बोली.‘चाची जी!! दोनों गोल मटोल पुट्ठों के बीच से एक लाइन सी बनी हुई थी, जो गांड के छेद से जाते हुए भावना चाची की चूत में जाती थी. बार बार मेरा मन चाची को चोदने का कर रहा था. ट्रेन के हिलने से भावना चाची की चुचियाँ भी हिल रही थी. ले!! ट्रेन के हिलने से भावना चाची की चुचियाँ भी हिल रही थी. फिर मैंने वो रेलवे वाला कम्बल हटा दिया. फिर मैं झड गया. चाची मेरे सामने वाली सिट पर बैठी थी. ‘चाची!! चाची से गुलाबी रंग की पेंटी पहनी हुई थी. फिर मैं झुककर भावना चाची के कबूतर पीने लगा. मैं अपनी खूबसूरत चाची की लेकर ट्रेन में बैठ गया.















