अच्छा…. XXX Hindi नही ज्योति जी, कैसी बात करते हो। इतना भी तंग नही करूँगा आपको के आपको अपनी पहुच से बाहर जाना पड़े। मेरी पार्टी का समान आपकी पहुँच में है और इसे सिर्फ आप ही दे सकते हो।वो — (इस बार मेरा इशारा एकदम साफ समझ चुकी थी) चलो ठीक है, डील पक्की समझो। घर की साफ सफाई के बाद आपको आपकी पार्टी मिल जायेगी। हाँ लेकिन ये तो बतादो इसका महीने का भाड़ा कितना लोगे आप ?मैं — अरे, ज्योति जी, आपसे ज्यादा थोड़ी लेंगे। जितना आपको अच्छा लगे दे देना, लेकिन इस बात का ध्यान रहे के अपना हक देना नही, हमारा हक मारना नही।इस तरह से 2 हज़ार में बात पक्की हो गयी और हम अपने अपने घर आ गए। अगले दिन काम काज से फ्री होकर सादे कपड़े पहने ज्योति झाड़ू लेकर नए घर की सफाई करने आ गयी। उसने मुझे फोन लगाया और घर की चाबी देकर जाने को कहा।मैं बाइक से उसे चाबी देने उनके होने वाले घर पे चला गया। मैं जैसे ही चाभी देकर वापिस आने लगा। तो ज्योति बोली,” आप जा रहे हो? तो इस लिए कई सालो से बन्द ही पडा है। ये लो चाबी और किरायेदार से खुद ही किराये की बात कर लेना। “Garam Bihari Aurar Sex”मैं उस से मकान की चाबी लेकर अपने घर आ गया और आकर अपने















