एक नशा सा जैसे अफीम में होता है वैसा ही नशा मामी की गांड के छेद से आ रही बदबू से मुझे चढ़ गया. मेने अपना पैजामा खोला और खड़े लण्ड में थूक लगाया और मामी की गांड के छेद में डाल दिया जिससे मामी की चीख निकल गयी.मामी- हाये मा…गयी मैं तो…. हिंदी XXX अब हम दोनों मस्ती में चूर हो गए, साँसे तेज चलने लगी, और चुदाई की रफ़्तार भी तेज़ हो गयी. कितनी बदबू मारी.मामी- चुप कर तू…. स्वर्ग जैसे उत्तराखंड को नरक बनाने का काम करती हो आप सही में.मामी- हद से ज्यादा मत बोल अभय, थप्पड़ मारूँगी गाल पर, झन्ना जायेगा यहीं समझ गया. फिर मेने रात भर मामी की पाद सूंघी और रात भर अपना मुह मामी की गांड के अंदर दबोच कर सोया रहा. मेरे लण्ड में भी मामी का गू लगा है, उँगलियों में भी जिसे मेने चाट कर साफ कर दिया. और इतनी भयंकर दुर्गन्ध फैली जैसे भोपाल गैस त्रासदी हो गयी हो.मैं- छी मामी क्या करती हो, कायम चूर्ण खाना आज, सारा कमरा सड़ा दिया. मेरी मामी का नाम प्रेमा है जो उत्तराखंड के पहाड़ों में रहती है. फिर मेने रात भर मामी की पाद सूंघी और रात भर अपना मुह मामी की गांड के अंदर दबोच कर सोया रहा. “Mami Ki Sexy Gaand”वो गाँव की अनपढ़ विरोध करती है लेकिन मेरी ताकत के















