फिर लण्ड को फंसा कर दबाव दिया.. हिंदी XXX जान निकाल दो.. आज इसको बहुत रस निकालना है। मैंने उनको नीचे लिटाया.. क्या बताऊँ.. और ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगा। वो मदहोश होने लगी थीं। मैं एक निप्पल को काट भी रहा था.. अब मैं आने वाला हूँ.. अब मैं आने वाला हूँ.. अमरीश.. ज़ोर-ज़ोर से जोश में उनके चूतड़ों पर थप्पड़ भी मार रहा था। मैंने बहुत देर उनकी गाण्ड मारी.. प्लीज मेरी प्यास बुझा दे।मैंने भी देर करना जायज नहीं समझा और अपनी पैन्ट और कच्छा नीचे कर दिया। मैंने लपलपाता लंड उसकी कुलबुलाती चूत के मुँह पर सैट किया और जोर लगाने लगा। अभी थोड़ा सा लंड ही अन्दर गया था कि वो मना करने लगी। शायद उसके पति ने उसको अच्छी तरह से उसकी चूत को ज्यादा नहीं चोदा था।मैंने थोड़ा जोर लगा कर अपना पूरा लंड उसकी चूत में घुसा दिया और थोड़ी देर ऐसे ही पड़ा रहा। वो दर्द से सिसिया रही थी.. क्या बताऊँ.. क्योंकि ये प्रियंका चूत में मेरे लौड़े की दूसरी बार ठोकर थी। वो ‘आआहह.. क्योंकि ये प्रियंका चूत में मेरे लौड़े की दूसरी बार ठोकर थी। वो ‘आआहह.. फिसल रहा था मैंने अपने दोनों हाथों से उनकी गाण्ड को कसके फैलाया.. और जोर से हम्म..’ ऐसी आवाजें निकालने लगी। थोड़ी देर बाद चूसने के बाद वो कहने लगी- बस अब और नहीं रहा जाता..















