वो मुझे दूसरी ही नजरों से देखने लग गए. XXX Hindi मैं अपने ससुर से इश्क फरमा रही थी. मेरे ससुर जी भी बिल्कुल ऐसा ही कर रहें थे. तुम अभी भी मना कर सकती हो ! मैं कुछ नही कहा क्यूंकि मैं भी ससुर से इश्क लड़ाना चाहती थी. की इतने में ससुर जी आ पहुंचे. कुछ पल को उनकी नजरे दूध से भरे उस मम्मे पर ठहर गयी. खुद अपनी काले रंग की साड़ी निकाल दी. मेरे दोनों दूधों को दबा दबा कर पीने लगे. मेरे मेरे बदन पर मेरा सिर्फ मेरा काले रंग का पेटीकोट था. एक तरह मुझे आश्चर्य हो रहा है की मैं अपनी ससुर से कैसे चुदवा सकती हूँ. सुबह के ५ बजे मैं जल्दी से अपने कमरे में आ गयी की कहीं कोई हमारे बारे में जान ना जाए. अपने दोस्तों के साथ शेयर करे- मेरी उभरी चूत की दरारे मेरी काली पैंटी से दिख रही थी. क्या इस बुजुर्गी की उम्र में ये मुझको चोद पाएँगे. पर मेरे ससुर श्री दशरथ मांझी ने मुझे बहुत सहारा दिया. क्यूंकि मेरे पति का लंड तो छोटा ही था. क्या इस बुजुर्गी की उम्र में ये मुझको चोद पाएँगे. आज की अपनी रात तू मुजको दे दे!















