इतने में आंटी लंड को चूत पर सेट कर के ऊपर बेठ गई.और उनके मुह्ह से एक अह्ह्ह निकली और मेरे मुह्ह से भी फिर आंटी ऊपर निचे होने लगी और ह्ह्ह्ह्ह्ह्हस्सस्सस्सस्साआआ करने लगी और में भी निचे से धक्के मार रहा तो आंटी समझ गयी की में अब तैयार हु उनके साथ इस खेल में तो उन्होंने मेरे हाथ खोल दिये.मेने गुस्से में आंटी को पकड़ उनके अपने निचे लिटाकर जोरो से होठो पर किस करना चालू कर दिया. मेने कहा आंटी ऐसा मत करो छोड़ दो.मगर आंटी नहीं मानी उन्होंने पहले मेरा शर्ट फाड़ दिया और मेरे सीने पर किस करने लगी जिससे मुझे कुछ होने लगा. हिंदी XXX आंटी भी मेरे किस का जबाब मेरे लंड को आगे पीछे कर के कर रही थी. थोड़ी देर में आंटी उठी और किंचन में चाय बनाने गयी जब तक में उठ कर फ्रेश हो गया और टीवी देखने लगा.इतने में आंटी आई और बोली प्रकाश चाय पी लो मेने कहा आंटी में चाय नहीं पीता सिर्फ दूध पीता हु वो भी पेवर दूध आंटी समझ गयी और कहा इतना दूध पी लिया हे की दूध आने में टाइम लगेगा जब तक चाय पिलो मेने कहा ठीक हे मगर चाय आप पिलाओगे तो पी लुगा ओके.आंटी हँस दी उनकी हँसी में भी जादू था उनके लाल होठ जिनका सारा रस में पी चूका हु















