वो अपनी उस उंगली को लगातार अंदर बाहर करने लगा और में फिर से तड़प उठी, सस्शशह अईईईईइ आआहह्ह्ह्ह मेरे बदन में चारो तरफ से करंट दौड़ने लगा, जो आकर मेरी चूत से निकलने लगा।में : आअहह्ह्ह में आईईईईइ स्शहशह झड़ रही हूँ उउउफ़फ्फ़।अब उसने अपनी उंगली को मेरी चूत से बाहर निकाला और चूसना शुरू किया। दोस्तों सच पूछो तो में आज पहली बार इस अहसास को पाकर बहुत खुश हो गई, उसने मुझे छोड़ा तो में तुरंत उठकर खड़ी हो गयी।आदमी : आखरी चुम्मे के लिए।दोस्तों इतना कहते ही मैंने झटके से अपनी स्कर्ट के हुक को खोलकर नीचे खिसका दिया, मेरी टी-शर्ट अब भी मेरे उँचे उँचे बूब्स के ऊपर लिपटी हुई थी, में आकर सोफे पर उसके दूसरी तरफ लेट गई और मैंने पैर खोलकर अपने एक पैर को सोफे के पीछे वाले हिस्से पर रख दिया। फिर उसने मेरी चूत को देखा और मुस्कुराया, में भी उसकी तरफ मुस्कुराई।दोस्तों अब तो में अपनी सारी शरम हया सब खो चुकी थी, में अपने बाप की उमर के एक आदमी के सामने पूरी नंगी लेटकर पिछले 18 साल से संभाले हुए अपने इस बदन को आज उसके हवाले कर रही थी। उसने भी नीचे झुककर मेरी चूत को अपने मुहं को पास ले जाकर वो अपने होंठो से मेरी चूत को चूसने लगा.मुझसे अब यह सहा नहीं गया और















