सुबह मैंने देखा वो अपने हाथ धो रही थी…दीदी क्या हुआ ??अरे देखो ना क्या लग गया है सोते सोते ! मज़ा आ गया ! हिंदी XXX मनीष की पास में परचून की दुकान थी। एक दिन मैं स्कूल से जल्दी आ गया, घर का दरवाज़ा खुला था.. मैं अपनी माँ का एकलौता बेटा हूँ! बता देना ! कहकर मैंने उसकी पैंटी खोल दी… उसकी जांघें ! आह अहह कितनी नर्म हैं दीदी की उंगलियाँ ! अहह अह !मैं स्खलित हो गया। बस बच्चे ! मैं अपना लंड उसके मुलायम हाथ में रखा ! मैं निचोड़ते हुए बोला।हट पागल..उसने मेरे लौड़े को अपने चूत में घुसाया !अहह ! सुबह मैंने देखा वो अपने हाथ धो रही थी…दीदी क्या हुआ ??अरे देखो ना क्या लग गया है सोते सोते ! हम दोनों साथ में नहाए..अपने दोस्तों के साथ शेयर करे- मेरे फ्लैट-सोसाईटी वाले मुझे छेड़ते थे इस बात को लेकर ! आह अहह कितनी नर्म हैं दीदी की उंगलियाँ ! फिर पापा को मैं भी तुम्हारे बारे बता दूंगी कि तुम रात में मेरे हाथ में मुठ मारते हो। हरामी कहीं के…मैं चुप हो गया… रात आई.. मैं बंगाल का रहने वाला हूँ ! प्रत्युष यह क्या कर रहे हो?अपनी टांगें मैं उसकी नायटी में फेरने लगा… नायटी में हाथ डाल कर उसकी पैंटी को छुआ!आह्ह !















