माया के मुंह से एक सीत्कार निकल गई. हिंदी XXX उन्हें एक-एक पल एक साल के बराबर लग रहा था. इस बार सब ठीक होगा!”“इस बार?” अश्विनी निराशा से बोले. अब अश्विनी ने अपनी जीभ माया के मुह में घुसा दी. उसके नयन-नक्श आकर्षक थे.उसका बदन गदराया हुआ था. … आपको दफ्तर जाना है. उनको चकित देख कर माया फिर बोली, “आपको यकीन नहीं हो रहा है, बाबूजी? पर अश्विनी को इस गर्मी का कोई एहसास नहीं था. वासना के अतिरेक में अश्विनी ने माया के हाथ अपने कांपते हाथों में ले लिये. उनकी हालत सुहागरात को दुल्हन की प्रतीक्षा करते दूल्हे जैसी थी. वासना के अतिरेक में अश्विनी ने माया के हाथ अपने कांपते हाथों में ले लिये. वो समझ गई कि अब वक्त आ चुका है. ऐसे ही वो एक बार धक्कों के बीच रुकी तो उसने पूछा, “बाबूजी, कभी बीवीजी भी आपको ऐसे चोदती हैं या वे सिर्फ चुदवाती हैं?”अश्विनी ने थोडा शरमाते हुए कहा, “वे तो सिर्फ नीचे लेटती हैं. माया युवा थी. उन्होंने बेसब्री से कहा, ‘‘बात बाद में सुनूंगा. उनके होंठ माया के गाल से चिपक गए. कल इतवार है. किसी स्त्री के मुंह से ऐसे शब्द सुनना तो और भी विस्मयकारी था.उनकी पत्नी तो इतनी शालीन थी कि उनके सामने ऐसी भाषा का प्रयोग करना अकल्पनीय था.















