अब सुनील मन में सोचने लगा था कि ये औरत शायद लंड की प्यासी है वरना अपनी चुन्नी क्यों हटाती? हिंदी XXX अब उसकी दिल की धड़कने तेज़ हो गई थी। फिर वो बाथरूम के पास जाकर जैसे ही अंदर झाँका तो उसने देखा कि दीदी अपनी सूखी पेंटी पहने हुई थी.और कमर से ऊपर तक नंगी खड़ी अपने भीगे कपड़ो को बाल्टी के पानी में भीगो रही थी। अब वो समझ चुका था कि कोई औरत ग़लती से दरवाज़ा खुला नहीं छोड़ सकती है, जब पराया मर्द घर में हो, तो वो एकदम से अंदर घुस गया तो दीदी ने घूमकर टावल लपेट लिया और कहा कि ये क्या? तभी सुनील दीदी के बिल्कुल पीछे खड़ा होकर दीदी के दोनों तरफ से हाथ बढ़ाकर नल के टूटे हिस्से पर दबे दीदी के हाथों पर दबाव देने लगा और बोला कि रुकिये, जब में बोलूं तो छोड़कर झुककर मेरे बाजुओं के नीचे से निकल जाना।तभी दीदी को सुनील की मजबूत छाती उसकी पीठ पर घिसती हुई महसूस हुई, लेकिन वो हिल नहीं पाई। फिर अगले ही पल में सुनील ने हिम्मत दिखाते हुए अपने तने हुए लंड को दीदी के चूतड़ो के बीच में लगा दिया और चिपक गया। अब दीदी को अजीब सा अहसास हुआ और वो थोड़ी आगे आ गई, लेकिन सोचा कि मज़ा आ रहा है तो थोड़ा मजा करने में















