सुबह 5 बजते ही दो, तीन लोग उठ गये.तो मैंने उसके कन में कहा कि अब हम कुछ नहीं कर सकते और कंबल के अंदर ही अंदर मैंने उसकी ब्रा को ठीक किया और उसके सारे कपड़े सही किए. “Sex Ki Pyasi Ladki”अपने दोस्तों के साथ शेयर करे- दोस्तों हमारे पांच दिन ऐसे ही काम करते हुए निकल गये और अब शादी में सिर्फ दो दिन ही बचे थे. हिंदी XXX ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.मैंने कहा कि कुछ नहीं, आप इतनी सुंदर हो फिर क्यों जा रही हो शादी करने? फिर पांच मिनट के बाद बस फिर से चलने लगी तो कंडक्टर अपनी सीट पर जाकर सो गया और वो लड़कियां भी चुपचप लेट गई.तभी मेडम ने कंबल को थोड़ा नीचे किया तो मैंने देखा कि उनके बूब्स एकदम लाल हो गये थे और उनकी निप्पल अभी भी बहुत टाईट थी. में उसके बूब्स को इतनी तेज मसल रहा था कि उसे बहुत दर्द हो रहा था.फिर अचानक से उसने मुझे धीरे से धक्का देकर पीछे कर दिया, मैंने पूछा कि क्या हुआ? यह उसके बूब्स का मेरी छाती पर स्पर्श करने के अहसास का कमाल था.मैंने उसे चुप करवाया और फिर में उठकर बाथरूम में टॉयलेट चला गया और वहां पर मैंने उसका अहसास मन में लेकर मुठ मारी और सोचा कि मेरे पास एक बहुत















