धर्मेश ने अपना तंदुरुस्त लण्ड मेरी बीवी के हाथ में दे दिया। मुस्कान ने हाथ में लिया तो उसे बड़ा संतोष हुआ, बड़ा सुख मिला की इतना मोटा लण्ड वो खाने वाली है।मुस्कान वैभव के लण्ड को जल्दी जल्दी फेटने लगी। लण्ड और तन गया। उसमे और जोश और ताक़त आ गयी। उधर धर्मेश मेरी बीवी के मुँह को बिना रुके चोद ही रहा था। वैभव ने मुस्कान से लंड फेटवाने के बाद उसके पैर और खोल दिए। चूत का बड़ा सा दरवाजा दिख गया, वैभव ने अपना तंदुरुस्त लण्ड मेरी बीवी की चूत में डाल दिया और चोदने लगा।आहहा! XXX Hindi धर्मेश बोला। मेरी बीबी मुस्कान नँगी होने लगी। हम तीनों दोस्त भी कपड़े उतारने लगे। जैसे ही मुस्कान नँगी हुई, वैभव ने उसे नरम, मखमली बिस्तर, पर खींच लिया। उसके पैर फैलाके उसकी बुर चाटने लगा।धर्मेश मेरी बीबी के बाये मम्मे को पीने लगा। मैं उसके दाँये मम्मे को पीने लगा। अब अगर कोई हम चारों को देखता तो यही कहता कि 3 शेर एक असहाय गाय का शिकार कर रहे है। वैभव मेरी बीबी मुस्कान के मुँह में लण्ड देना चाहता था, पर जरा हिचक रहा था।दोंस्तों! दूसरे की बीबी की बुर पीने का मजा ही अलग है। नयी फ्रेश औरत! सुरु हो जाओ! ऐसे मजा नही आ रहा। तुम्हारी आँखों में देखकर ही तुमको चोदूंगा!! धर्मेश बोला.मुस्कान उसके पास चली















