हम लोग काफी टाइम से घर खली होने का इंतज़ार कर रहे थे और अब कहीं जाके हमें मौका मिला है। कल प्रशांत यहाँ आ रहा है और हो सकता है कि उसके बाद मैं भी कल तेरी तरह कली से फूल बन जाऊँ”।उसके बाद सुन कर मैं इतना उत्तेजित हो गई कि अपना दर्द भूल गयी, मैंने दीदी को गले से लगा लिया और बोली “सच दीदी!!” दीदी ने भी मुझे कस कर भींच लिया और शरारत से मेरे उरोज दबा दिए। मैं भी हंस पड़ी। मेरे दिमाग मैं अब बस कल होने वाली दीदी कि चुदाई घूम रही थी और मैं छुप कर वो सब देखने का प्लान बनाने लगी। इससे आगे कि कहानी कि किस तरह अगले दिन प्रशांत ने दीदी को अपने मोटे लंड से चोदा वो सब अगली श्रृंखला में…अपने दोस्तों के साथ शेयर करे- हम लोग काफी टाइम से घर खली होने का इंतज़ार कर रहे थे और अब कहीं जाके हमें मौका मिला है। कल प्रशांत यहाँ आ रहा है और हो सकता है कि उसके बाद मैं भी कल तेरी तरह कली से फूल बन जाऊँ”।उसके बाद सुन कर मैं इतना उत्तेजित हो गई कि अपना दर्द भूल गयी, मैंने दीदी को गले से लगा लिया और बोली “सच दीदी!!” दीदी ने भी मुझे कस कर भींच लिया और शरारत से मेरे उरोज दबा















