पर सच तो ये था, मेरी माँ ने ख़ुद सब मान मर्यादा भुला के उस मर्द से शारीरिक रिश्ता बनाया था, और वो खुद चल के आई थी इस हिंदू मर्द के बिस्तर में उसके साथ सेक्स करने.विजय अब ज़ोर ज़ोर से धक्के दे रहा था, माँ का पूरा बदन हिल रहा था, और उसने विजय को कस कर पकड़ा हुआ था. मैं अब बहुत उत्तेजित हो गया था, मेरी शादीशुदा माँ को एक मूछ वाले ने अपनी मज़बूत बाहों में उठाया हुआ था और वो पूरी नंगी उस नंगे हिंदू मर्द से लिपटी हुई थी.मेरी माँ के गोरे दूध, विजय के बालों वाली छाती से चिपके हुए थे, और मेरी माँ पूरी तबीयत से उस के होठों को अपने लाल लाल होठों में लेकर चूस रही थी. हिंदी XXX उसका मंगलसूत्र उसके दूधों के बीच पड़ा था.जब वो अपनी बाहें उठा के अपने बाल सहला रही थी तो उसके आर्म्पाइट्स दिखाई दिए, एक भी बाल नही था वहाँ, और क्या गोरे आर्म्पाइट्स थे उसके. विजय ने शवर ओंन किया और माँ उसके नंगे मर्दाना शरीर से लिपट गयी और अपने गोरे मखमली नंगे बदन को विजय के काले बालों वाले गठीले बदन के साथ रगड़ने लगी.दोनों पानी में भीगे हुए थे, और एक दुसरे के मुंह में मुंह डाले ज़बरदस्त किस कर रहे थे. पहले कितना दबी हुई थी मैं, बहुत झिझक होती















