पर हम भाई बहन तो अकेले थे, कहीं हम दोनों का कोई मजाक ना बनाये इसलिए मैंने अनूप भाई के हाथ में हाथ डाल दिया.भाई से भी कुछ नही कहा. हिंदी XXX हम दोनों पीवीआर साकेत फिल्म देखने गए. हम दोनों ने एक कमरा किराये पर लिया हुआ था.मेरे भैया अनूप मुझसे अब मेरे साथ ही रहते थे. मुझे दर्द हो रहा था पर मैं उनको दांत हटाने को नहीं कहा. पहला सेमस्टर जब बीता तो लगा की १ साल बीत गया है. सायद मैं भी उनके साथ सोना चाहती [संभोग करना चाहती] थी. प्लीज दांत मत गडाइये मैंने कहा.वो कुछ नरम पड़े. प्लीज दांत मत गडाइये मैंने कहा.वो कुछ नरम पड़े. बहुत दुःख रहा है. वो मेरे करीब आ गयी. पर ये तो अब आसान बात थी. हमने अपने कमरे में एक छोटा कूलर भी लगाया था.निशा !! इधर ही आ जाओ. हम दोनों भाई बहन पसीने से भीग गये थे.अपने दोस्तों के साथ शेयर करे- भैया भली भाति जान गए की उनकी सगी बहन भी चुदासी है.उन्होंने अपना एक हाथ मेरी नाईटी में डाल दिया. एक तरह मुझे अच्छा लग रहा था क्यूंकि मैं जवान हो चुकी थी, चाहती थी की कोई मेरे गुलाबी होंठों की लाली चुराये. एक पुरष का हाथ लगाना कैसा होता है, आज मैं जान गयी.















