हर बार तुम करवाचौथ पर नही आते हो। देखो ये बुरी बात है। मैं किसके साथ पूजा करुँगी” मैंने अपने पति मल्लू से पूछो।फिर से उसने बहाना बना दिया। “देखो मैं अपने बोंस से बात करूंगा और छुट्टी मागूंगा। अगर मिलती है तो आ जाऊँगा” मल्लू बोला.असल में कुछ महीनो से उसका उसकी सेक्रेटरी से चक्कर चल रहा था। मल्लू बंगलौर की एक फर्म में चार्टर अकाउंटेंट था। वो बस पैसे के पीछे भागने वाला मर्द था और खूबसूरत और जवान लडकियों को देखकर फिसल जाता था।मुझे कुछ दिन पहले उसके ऑफिस से किसी ने बताया था की मल्लू का उसकी सेक्रेटरी से अफेयर चल रहा है और दोनों ऑफिस में ही मजे लूट लेते है। ये बात जानकर मैं काफी दुखी हो गयी थी। आखिर 2 दिन बाद करवाचौथ का त्यौहार आ गया और मल्लू नही आया।“पापा जी!! XXX Hindi आज रात के लिए मैं आपकी औरत हूँ। आज चोद लो मुझे आप। ले लो मजा मेरी भरी जवानी का” मैंने भी नशे में कह दिया.उसके बाद वो जल्दी जल्दी मेरे कबूतर हाथ से मसलने लगे और दबाने लगे। आटे की तरह गूथ रहे थे मेरी दोनों चूचियों को। फिर मुंह में लेकर चूसने लगे। मैं तो “…..ही ही ही……अ अ अ अ .अहह्ह्ह्हह उहह्ह्ह्हह….. वो नही आये” मैंने कहा और रोने लगी.मेरे ससुर बहुत अच्छे आदमी थे। मेरा पति बहुत नालायक था











