उनका सांप जैसा मोटा लौड़ा आज मैंने पहली बार देखा था. जल्दी जल्दी भाभी की बुर को अपनी ऊँगली से चोदने लगे. हिंदी XXX भैया ने उनका पेटीकोट उतार दिया.ये सब देखकर तो मुझपर बिजली ही गिर गयी दोस्तों. ‘मेरे पास तो आओ मेरी बुलबुल!! मैंने अपनी आँखों से देखा भैया के जोर जोर से फटके. अब भाभी पूरी तरह नंगी हो गयी थी. कुछ ही दिनों में मेरी भाभी मेरी सबसे अच्छी सहेली बन गयी. कुछ देर बाद तो ये सब और आकर्षक हो गया. भैया ने उनकी चड्ढी भी निकाल दी थी. ये बात तो मैं अच्छी तरह से जानती थी.धीरे धीरे कमल भैया के हाथ भाभी के मस्त मस्त मम्मो पर जाने लगे. मैं सोचने लगी की कास कोई लड़का ऐसे ही मुझे चोदता तो कितना अच्छा रहता. भाभी चुदासी हो गयी थी. मिशा भाभी बोली.मैं कमरे से बाहर आ गयी. वो मिशा भाभी के पेडू को चाट रहें थे. मैंने अपनी आँखें दरवाजे के लोक वाले छेद से लगा दी थी. मैंने ये सब देखा तो मैं खुद को रोक ना सकी. घर में एक मस्त मस्त भाभी आई. धीरे धीरे कमल भैया ने भाभी की साड़ी का नारा खोल दिया.















