वो जिस दिन नहीं आती थी ऑफिस में मूड नहीं होता था काम करने का. XXX Hindi मैंने उसके कपड़ो के ऊपर से उसके सारे बदन को सहलाया और बाद मैं उसके बूब्स को भी दबाया.वह जोर से सिहर उठी और जैसे खिलती कली की तरह मुझसे और जोर से किस करने लगी. मैंने बात को सम्हालकर उसे सॉरी बोला और दूसरी बार ऐसी गलती नहीं करने को बोला और वार्निंग दे कर छोड़ दिया. मैंने उसकी निप्पल के साथ उसके चूचियों को दबाने और सहलाने लगा. मैंने भी अपनी पेंट उतार दी. उसने अपने हाथ दोनों साइड बराबर पकड़ लिए और पोजीशन ले ली. अब मैं और वो थोड़ी देर के लिए बैठ गए और एक दूसरे से लिपटकर सो गए. मैं थोड़ा कड़क मिजाज हूँ बट उसके सामने मैं नरम पड़ जाता हूँ. इसे और अच्छा लगा और वो मोन करने लगी. उसका मुँह अब मेरे कॉक पर और उसकी पुस्सी मेरे मुँह पर.मैंने और उसने अपनी अपनी पोजीशन से दोनों के ऑर्गन्स मूह में लिए और दोनों ने एक दूसरे को तैयार किया फ़क के लिए. मैंने उसकी निप्पल के साथ उसके चूचियों को दबाने और सहलाने लगा. मैंने उसको अपने सीने से लगा लिया और उसकी पीठ पर हाथ पसारने लगा और उसको कॉन्सोलेशन देने लगा.इस दरमियान उसके बूब्स मेरे सीने से सट गए और मेरा कॉक धीरे से स्टिफ















