बुर की गहराई में मेरा गर्म गर्म वीर्य ढेर मात्रा में गिरा था वह अपनी बुर में लन्ड के गर्म वार्प को महसूस कर सिहरन से भर उठी और इस स्थिति में वह अपनी पसीज रही बूर को मेर लन्ड पर मजबूती से दबोच ली। उसे अपनी बुर में गर्म वीर्य पाने में अच्छा लग रहा था।कुछ पल तक मैं खड़े-खड़े अपने हाथों के भार पर उसे उठाया रहा जब हम दोनों पूर्ण रूप से सन्तुष्ट हो गये। तब मैं उसे अपने हाथों से सहारे लंड पर उतार कर नीचे कर दिया और वह भी अपने बूर से लन्ड को निकलवा कर जमीन पर खड़ी हो गई।वह एक पल मेरी ओख देखकर एक शोखी भरी मुस्कान फेकी और तब अपने वस्त्रों को पहनने लगी। वह अपने कपड़े पहनने के बाद अपने पर्स और समान उठाई और दरवाजे की ओर मुड़ी। तभी मैं उस औरत के पास पहुंचा और अपने हाथ से उसकी बांह को पकड़ लिया। वह मेरी आंखों में झांकते हुए देखने लगी। उसकी आंखें अन्धकार में चमक रही थी।मै उसे प्यारे चेहरे का अपने हाथों के नीचे लिया और अपने हाठों से चिपकाकर चुमने लगा। मेरा चुम्बन पाकर वह भी मुझे चुमने लगी और साथ में अपनी जीभ को मेरे मुंह में दबाने लगी। मैं अपने मुंह को थोड़ा चौड़ा कर दिया और वह अपनी जीभ को मेर मुंह में










