एक दिन की बात है मैं उसके घर गया वो घर में अकेली थी उसके घर वाले कही बाहर गए थे शाम को आते गर्मी का दिन था, सब लोग अपने अपने घरों में थे, कोई धुप की वजह से बाहर नहीं निकल रहा था.मैं उसके घर गया तो वो बोली आज मम्मी पापा और दादी तीनो कही गए है रिश्तेदार के यहाँ वो लोग शाम को पांच बजे तक आएगा, मुझे कुछ उम्मीद जगी की हो सकता है आज मैं अपने ज़िंदगी का पहली चुदाई का या तो यों कहिये की पहली बार किसी लड़की को छूने का मौक़ा मिल जाये क्यों की आज तक किसी लड़की को छुआ ही नहीं था वासना की नज़र से.मैं बैठ गया और बोला “महिमा आज मैं तुमसे कुछ मागूंगा” बोली क्या “मैंने कहा अगर दोगी तो बोलो, अरे बोलो तो सही क्या चाहिए. Village Girlउसके घर वाले समझते थे की दोनों दोस्त है इस वजह से पढाई लिखे के बारे में डिसकस करते होंगे, पर मेरा इरादा कुछ और था. XXX Hindi मैंने कहा ऐसे क्या बोलना अगर नहीं दी तो, मैंने मन ही मन सोच लिया था की अगर मामला बिगड़ेगा तो बोल दूंगा मैंने अचार माँगा था, तो वो बोली देने लायक होगा तो जरूर दूंगी.मैंने कहा पक्का हां पर देने लायक होगा तो अगर कुछ गलत बोलोगे तो नहीं.















