खुली हुई देसी चूचियाँ

ये हिंदी XXX कहानी नए किरायेदार के बारे में है। उसका नाम ज्योति था। उसकी उम्र यही कोई 28-30 के लगभग थी, वो थोडा पढ़ी हुयी थी और यहां अपने परिवार समेत बिहार से यहां काम करने आये हुए थे। उसके परिवार में उसका पति, बच्चा कुल मिलाके वो 3 मेंबर थे। उसका पति मज़दूरी करता था। हमारे पड़ोस में रहने की वजह से अकसर उनसे मुलाक़ात होती रहती थी। Garam Bihari Aurar Sexहुआ यूं के एक दिन मैं घर का कोई जरूरी सामान लेने स्कूटर पे बाज़ार गया हुआ था। तो वापसी पे मेरे ही गांव में किराये पे रह रही एक औरत ज्योति जिसका जिक्र मैंने ऊपर किया है, वो मिल गयी और मुझे अकेला देखकर उसने हाथ के इशारे से रुकने का इशारा किया। मैंने स्कूटर रोक लिया और उसकी बात सुनने लगा।वो — क्यों सलीम जी, घर जा रहे हो क्या ??मैं — हांजी कहिये कोई काम था क्या ??ज्योति — हाँ मुझे भी गांव तक जाना है। कब से यहाँ खड़ी हूँ। कोई बस या आटो आ ही नही रहा। ऊपर से धूप भी देखो जान निकाल रही है।मैं — हांजी गर्मी तो बहुत पड रही है। आओ बैठ जाओ, आपको भी गांव तक छोड़ देंगे।वो मेरे साथ अपना सामान लेकर बैठ गयी और हम बाते करते घर की तरफ रवाना हो गये।रास्ते में उसने बात जारी

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