फिर सनाया को मेज पर लेटा कर उसकी ब्रा को खोल बाहर निकाला और उसके मम्मो को चूमने, चाटने लगा.उसके बड़े साइज़ के, कड़क, सुडोल और उन्नत मम्मे मुझे जी भर कर मासल्न को कह रहे थे. हिंदी XXX मेरी चूत….. तभी नीचे टेरेस एक-साथ ज़ोर दार आवाज़ गूँज उठी. Hawas Bhari Ladkiमैं भी और मेरी बिल्डिंग वाले भी पतंगे उड़ाने के बड़े शौकीन है. 3 मिनिट बाद सनाया भी वहाँ पर आ गयी.मैने रूम के पीछे वाली खिड़की को खोला और यहाँ-वहाँ देखने के बाद सनाया को रूम के अंदर खिड़की से जाने को कहा. मैं भी चुप-चाप पास में आकर खड़ा हो गया और अप्पर टेरेस पर जाने लगा.मेरी आज की कहानी यही ख़तम होते दिखी. तुरंत ही दूसरी नयी काइट उड़ा देता. फिर एक आइडिया दीमाग में आया. हम फ्रेंड्स लोग उसमे बैठकर कामुक कहानिया या मस्ती-ब्लास्ट ब्लॉग पर देशी वीडियो या विदेशी वीडियो देखते थे. अंजलि ने आते ही कहा, “सनाया, ला अब चरखी मुझे….”मज़ा खराब होते हुए देख मैने तुरंत ही बीच में बोल दिया, “अंजलि, जा. दोपहर में खाना खाने के बाद हम लोग वापस उपेर टेरेस पर आ गये. मैं अपने दोनो हाथों से उसके मम्मो को चोली के साथ ही दबाने लगा. जब उसका पानी निकल गया तो वो मेज पर से हाथ हटा कर मेरे सामने नीचे बैठ गयी.















