)में : हाँ जी में बोल रही हूँ, लेकिन आप कौन हो और बताइये आपको किससे बात करनी है.बबिता : जी मेरा नाम प्रीती हूँ और मुझे आपसे ही करनी है, मुझे लगता है कि आपकी याददाश्त बड़ी कमज़ोर लगती है?तभी मुझे याद आया कि यह वो ट्रेन वाली ही होगी और अब में ख़ुशी से उछल पड़ा.में : नहीं मेरी याददाश्त ही क्या मेरा सब कुछ बहुत मज़बूत है बस अंजान नंबर था तो इसलिए में जान नहीं पाया.प्रीती : वैसे कितनी को जानते हो आप?में : बस आपको ही जानना चाहता हूँ और बाकी सब तो मोह माया है.प्रीती : हाँ, लेकिन इस मोह माया ने सबका चेन उड़ाया हुआ है.में : मुझे तो लगा था कि आप मुझे भूल ही गई और मेरे इतने दिन कैसे गुज़रे में आपको बता नहीं सकता.प्रीती : सिर्फ़ दो दिन ही हुए है जी और आप ऐसे बोल रहे हो, जैसे पिछले दो साल हो गये.में : आपके लिए दो दिन होंगे, लेकिन मेरे लिए तो दो जन्म थे बबिता जी.प्रीती : हाँ बस बस रहने दीजिए हमे पता है आजकल क्या सब होता है?में : क्यों आपको ऐसा क्या पता है?प्रीती : कुछ नहीं पहले हमारी अच्छे से जान पहचान तो हो जाए, लेकिन आप तो मुझे छेड़ने लगे.में : जी हाँ बिल्कुल हो जाए और आपके सामने तो भगवान का भी















