जवाब नही तेरा! उ उ उ उ उ……किसी रंडी की तरह चोद बेटा!!” मैं कहने लगी.शुभम भी हूँ हूँ हूँ आ आ आ बोलकर चूत में गदर मचाने लगा। वो लड़का काफी सेक्सी निकला। मेरी आँखों में आँखों डालकर मेरे चिकने गालो पर हाथ रखकर चूत में लम्बे लम्बे धक्के दे रहा था। मैं तो बादलो में उड़ रही थी। अपने पंजो से अपनी 36” की रसीली चूचियां दबाये जा रही थी जिस वजह से मेरे नाख़ून मेरे ही दूध में चुभ रहे थे।““….उंह उंह उंह हूँ—आंटी!! हिंदी XXX ऐसे ही मुझे चोदते रहना” मैं किसी चुदक्कड लंड की प्यासी रांड की तरह बोली.शुभम हाफ्ता हुआ मेरे पैर के पास ही ढेर हो गया। लेटकर लम्बी लम्बी सांसे लेने लगा। मैंने अपनी बुर देखी। उसमे उपर तक शुभम का माल भरा हुआ था। ये सब देखकर मुझे बड़ा सुख अहसास हुआ। उसके माल को ऊँगली से लेकर मुंह में लेकर चाटने लगी। मैंने एक भी बूंद बर्बाद नही जाने दी। 15 मिनट बाद शुभम बेटा फिर से चोदन कार्यक्रम करने के लिए तैयार था।“बोलो आंटी दूसरे राउंड की चुदाई कैसे चाहती हो??” शुभम बोला.“लंड पर बिठाकर चोद बेटा मुझे!!” मैं बोली.फिर शुभम सीधा लेट गया। उसके लंड को कुछ देर हाथ से मुठ देकर खड़ा करती रही। फिर 5 मिनट मुंह में लेकर चूसती रही। फिर शुभम के लंड को पकड़कर चूत में लगाकर















