फिर मैने मम्मी की चूत से उन्गली निकाल ली और मेरा मुह सीधे उनकी चूत पर लगा दिया. मम्मी ने दीदी से कहा कि तुम सो जाना और दरवाजा अन्दरसे लगा लेना, हम जब भी आयेन्गे तुम्हे जगा लेन्गे. XXX Hindi मुझे लगा कि जो भी हुआ वो मेरे और मम्मी के बीच हुआ, इस गैर आदमी को क्यू बताया जाए, इसलिये मैने चेहरे पर नाराजी जताते हुए कहा कि वो नही मानी. कई बार मेरी उन्गली सीधी उनकी चूत के फूले हुए बाहरी हिस्से को छूती और मम्मी ऐसा झटका देती मानो उन्हे बिजली का करन्ट लगा हो.मै उन्हे और उत्तेजित करना चाहता था इसलिये मैने उनकी चूत मे हाथ नही डाला. उसने सोने की तैयारी कर दी. मैने उस रसभरी चूत मे अपनी दो उन्गलिया घुसाकर निकाल दी और अपनी नाक के पास ले जाकर एक लम्बी सास ली.मम्मी की चूत की उस मादक खुशबू से मै गनगना उठा और बिना कुछ सोचे समझे मैने उनकी चूत से मुह सटाकर चूमना शुरु किया. मैने साहस करके शरारत करने की सोची और मम्मी से कहा, मम्मी एक बात कहू, वो बोली अब क्या है. मै नही चाहता था कि दीदी रात को जागे और मेरा खेल बिगाड दे.मै शाम को ३-४ घन्टे सो कर उठा था, वैसे मै उन्हे घूमने ले जा सकता था लेकिन मैने ऐसा कुछ नही किया.















