मैंने अपना सर उठाया और धीरे से कहा,” आई लव यू अम्मा.”अम्मा ने एक सिसकारी लेकर उसका जवाब दिया. मैं उसके पैरों के बीच से उठा और नीचे जाकर उसके पैर के अंगूठे को अपने मुँह में भर लिया और चूसने लगा.फिर मैं उसके पैरों को चूमते हुए ऊपर को बढ़ा. हिंदी XXX माँ ने थोड़ा सा दरवाज़ा खोला और नाइटी पकड़ने के लिए अपना हाथ दरवाज़े से बाहर निकाला. अपने ओर्गरस्म के आने से पहले अम्मा कामोन्माद से बहुत ही उत्तेजित हो गयी थी.फिर वो चीखी,” ओह सोनूउऊउउ…सम्भालो हमको…आआअररररज्ग्घह……”वो झड़ने लगी, मैं भी झड़ने ही वाला था. अम्मा सिसकारियाँ ले रही थी, उसके मुँह से निकलती उन सिसकारियों से मैं उत्तेजना से पागल हो गया. लेकिन नींद नही आ रही थी. मैंने अपने लंड को अम्मा की चूत की दरार की पूरी लंबाई में ऊपर से नीचे तक रगड़ना शुरू किया. या तो हमें इसे स्वीकार कर लेना चाहिए या फिर रोते चिल्लाते रहें, कोसते रहें लेकिन भाग्य में जो होगा वो होकर रहेगा.”मेरी बात सुनकर अम्मा ने रोना बंद कर दिया और आश्चर्य से बोली,” क्या तुम मुझे ये समझाना चाहते हो की जो कुछ हुआ वो सही था और हमें इस पाप को करते रहना चाहिए ?















