किसी की भी गोद में बैठ जाती थी और किसी भी अंकल के साथ घूमने चली जाती थी. हिंदी XXX मामा की उम्र 30 साल थी और वो बहुत चालाकी से हर दिन मेरे सेक्स की भूख बढ़ा रहे थे और उनकी जादुई उंगलियाँ मुझे पागल बना रही थी और वो यह अच्छे से जानते थे कि मेरी चूत के साथ कब क्या करना है?कभी कभी तो बिना स्कूल की ड्रेस चेंज किए ही मेरी चूत में फिंगर करने लग जाते थे और में लास्ट पीरियड से स्कूल में मामा को मिस करती थी. मम्मी पापा के ऑफिस जाने के बाद में बिल्कुल अकेली रहती थी, कभी-कभी मामा गावं से आया करते थे. फिर हर एक शॉट्स में मुझे साफ साफ एहसास हो रहा था कि वो मेरी टांगो के बीच में कोई चीज़ फाड़ रहे है. तो मैंने कहा हाँ करो.मामा बोले में आज तेरी सील तोड़ूँगा, लेकिन चिल्लाना मत और ये कहकर मेरी चूत पर अपना लंड रगड़ने लगे और अपने एक हाथ से मेरा सिर पकड़ कर होंठ चूसने लगे और दूसरे हाथ से मामा ने मेरी चूत पर अपना लंड सेट किया और एक शॉट मारा तो मेरी जान ही निकल गयी. में दर्द के मारे तड़प रही थी.फिर मामा ने एक और शॉट मारा तो में अपने दोनों हाथों से उनको धक्का दे रही थी, लेकिन उनको कोई फर्क















