एक-दूसरे के कामुक अंगों को चाटते चूसते हुए दिख रहे थे। इतना आकर्षक कामुक दृश्य.. हिंदी XXX मेरी जान निकल रही है..’कह कर मैं एकदम से देव अंकल से चिपक गई और मेरी बुर ‘फ़च.. वहाँ ऐसा क्या है?देव अंकल ने कहा- कुछ भी नहीं.. पूरे घर में जिस तरह चाहो रह सकती हो.. तो मम्मी मान गईं। पापा.. बताने की मनाही है।मैंने कुछ पूछे.. एकदम गोरा रंग.. वह शादी नहीं करना चाहते.. उनके घर में रह सकती हूँ।पापा ने घर आकर मुझे और मम्मी को बताया कि अगर तुम लोगों को कोई एतराज़ न हो.. तुम्हारा कोई ब्वॉय-फ़्रेंड है?मैंने हँसते हुए कहा- नहीं देव अंकल.. वह ज़ोर-ज़ोर से डिल्डो पर अपनी कमर आगे-पीछे करने लगे.. मेरी आँखें बंद हो गईं। देव अंकल ने अब अंडरवियर भी खींच कर मेरे पाँव से बाहर निकाल दिया।मैं सेक्स के नशे में भीग कर देव अंकल के जिस्म पर अपनी उंगलियाँ के नाख़ून और दाँत गाड़ने लगी थी। तभी देव अंकल ने जल्दी-जल्दी अपने सारे कपड़े उतार फेंके और मुझे लेकर बाथटब में आ गए। बाथटब होश उड़ा देने वाली खुशबू वाले पानी से भरा था।उसमें गुलाब की पंखुड़ियाँ तैर रही थीं। देव अंकल ने मुझे अपने ऊपर किया और मेरे मम्मों के निप्पल पर अपनी ज़ुबान फेरने लगे। मेरी मस्ती सातवें आसमान पर पहुँचने लगी। अब मुझे लग रहा था कि देव अंकल के लंड को










