बड़ा हॉट हॉट फील हो रहा था. हिंदी XXX तुम मेरे दोस्त थे। अब भी दोस्त हो। इसमें थैंक यू का कोई काम नहीं। विपिन मुझे घूर रहा था.मै- “क्या देख रहे हो विपिन.”विपिन- “तुम्हे देख रहा था। तुम कितना बदल गई हो। पहले तो तुम ऐसी नहीं थी”।मै- “तुम्हे कैसे पता। तुम तो कभी किसी की तरफ देखते ही नहीं थे”।विपिन- “मैं तो तुम्हे पहले से ही देखता था.”मै- “झूंठ बोल रहे हो। तुम मुझे ही क्यों देखते थे। और भी लडकियां थी। उन्हें भी तुम देखते रहे होंगे.”विपिन- “झूठ नहीं बोल रहा। मै सिर्फ तुम्हे ही देखता था.”मै- “मुझे ही क्यों देखते थे.”विपिन- फ़िल्मी डायलॉग में बोलने लगा “पता नहीं क्यों जबसे तुमको देखा। पता नहीं कैसा लगा। लेकिन जब भी मैं तुम्हे नहीं देखता। तो मुझे उस दिन अजीब लगता था। मै अब भी तुमको देखता हूँ.”मैंने कहा- ऐसा क्यूँ।विपिन- पता नहीं।मै चुपचाप बैठी थी।विपिन ने कहा- तुम किसी से प्यार करती हो।मैंने कहा- हाँ।विपिन- किससे?? मैंने कहा- बता दूं। विपिन का चेहरा लाल पीला हो रहा था।मैंने कहा- तुमसे।विपिन की ख़ुशी का तो ठिकाना ही नहीं रहा।विपिन ने कहा- तो पहले क्यों नहीं बोल दिया।मैंने कहा- कभी देखते भी थे तुम मेरी तरफ।विपिन और मै दोनों लोग पास पास सटकर कुछ देर बाद बैठ गए। विपिन ने मुझे अपनी बाहों में भर लिया। कहने लगा- जो मैं आज तक नहीं बोला किसी से वो मै आज तुमसे बोलता हूँ। फिर विपिन ने बोला-















