वो लड़खड़ाते हुए मेरे ऊपर लेट गए, और मेरी चूचियों को दबाने लगे.मैंने जग गई देखि की ससुर जी मेरे ऊपर लेते है और चूचियाँ दबा रहे है, ससुर जी की पकड़ काफी अच्छी थी, वो रिटायर्ड आर्मी अफसर है, मैं टस से मस नहीं हो पा रही थी, मैंने कहा छोडो प्लीज, तो ससुर जी बोले आज नहीं छोड़ूंगा तुझे, आज तो चोद के ही रहूँगा निर्मला बहुत दिनों से नहीं चोदा हु, आज तो चोद के रहूँगा.देख निर्मला आज मेरे लण्ड कितना बड़ा और मोटा है, तू कहती थी ना की मैं संतुष्ट नहीं कर पता हु आजकल आप बूढ़े हो गया हो, पर आज मैं तुम्हे संतुष्ट करूँगा निर्मला, आज मैं शिलाजीत ही खा के आया हु, आज मैं जवान हो गया हु.ये सब कहते कहते उन्होंने मेरी नाइटी की ऊपर कर चुके थे, मैं हिल भी नहीं पा रही थी, अगर मैं शोर मचाती तो बगल बाले छत पे भी लोग सो रहे थे, मैं सोची की मेरी तो इज्जत जाएगी और ससुर जी की इज्जत समाज में बहुत अच्छी है वो एक दम से ख़राब हो जाएगी.इस वजह से मैं भी सोची की चुप रहती हु किसी तरह से निकल जाउंगी और अपने कमरे में चली जाउंगी पर ये सब सोचते सोचे बहुत देर हो चूका था, मैं मजबूर थी उनकी पकड़ से, तब तक वो अपना















