ज्यादा तुम चुदी नहीं हो. XXX Hindi मैं श्रावस्ती के ऊपर कटी हुई टहनी की तरह पड़ गया.हम दोनों की साँसे ऐसी हो गयी थी कि. और कुछ नहीं पसंद आया साहेब को?हम फिर हँस पड़े.मैं – बता दूँ?वो – बता दो ना.मैं – तो सुनो. खजाना और उसका द्वार बिल्कुल चिकना था.खुद के नंगी होने पर उसने कहा – यह तो बड़ी गलत बात है.मैं – अरे क्या?वो – आपने मुझे तो नागा बाबा जी बना दिया और खुद आप बाबूजी बने खड़े हो.यह बात सुनकर हम दोनों ज़ोर से हँसे. मैंने तुम्हें किया,तुम मुझे करो.श्रावस्ती तो इसी फिराक में थी. और अभी वह इस लण्ड को महसूस ही कर रही थी कि मैंने अचानक से बिना बताये अपना घोड़ा उसके छोटे से सूराख में घुसा दिया. मेरा अंडरवियर निकलते ही मेरा 8 इंच का लण्ड कोबरा की तरह फुफकारता हुआ बिल से बाहर आ गया. मैंने चूत चाट चाट कर उसका पानी निकाल दिया और उसकी मलाई उसकी छोटे से छेद के बाहर आकर चमकने लगी.वो बोली – मेरा कई बार हो चुका है. और गोरी केले के तने वाली जांघों के बीच में त्रिभुज थी. हाय हाय इतना मज़ा कभी नहीं आया, क्या चूत चूसी है तूने!भाइयों और चूतो, मुझे चूत चाटने का बहुत शौक है.















