सिर से पाँव तक उसने मुझको घूर के देखा. हिंदी XXX तू बड़ी खूबसूरत है रे!! जरा आराम से करना. अब मैं उसके सामने पूरी तरह से नंगी हो चुकी थी. वो आकर मेरे सीने पर बैठ गया.मेरा पहला कस्टमर बहुत मोटा और भारी सांड की तरह था. मैं दर्द से रोने लगी. मैंने रोने लगी. मैंने मासूमियत और सीधेपन से पूछा.हाँ २ घंटे और. तुम्हारी नथ उतरने की मोटी फ़ीस दी है. कस्टमर ने मुझे कष्ट में डाल दिया था. मेरी माँ भी एक रंडी थी. मैं मना नही किया वरना वो फिर से मुझे मारता पीटता. वो बोला.मैंने कोई ड्रामा नही बनाया. कुछ देर बाद वो मेरी चूत में झड गया. आज मैं आपको अपनी कथा सुना रही हूँ. मेरी दोनों मलाईदार मम्मे मेरी चूत जितने नरम थे.वो खप खप करके चोदने लगा. मेरी चूत फट गयी. मैंने कोई विरोध नही किया वरना वो मुझे फिर से पीटता.उसने फिर मेरी सलवार भी फाड़ दी. वो मुझे बुरी तरह चोदने वाला था. मेरी बुर के दोनों होठ किनारे को भाग गए. मेरी माँ कोई पेशेवर रंडी नही थी. मेरी चूत उसको साफ साफ दिखने लगी. मैंने सलवार सूट पहन रखा था. मैं भी १६ साल की उस कच्ची उम्र में मासूम कली थी.मैं नही जानती थी की चुदना क्या होता है.















