अब मेरा लंड का टोपा जलने लगा और जोश में मैंने एक ही झटके में जड़ तक पूरा लंड मेडम की चूत में उतार दिया और इधर मेडम चिल्ला रही थी.. मेरी बात सुनो।तो में रुक गया और उनके सामने नज़रे झुकाकर खड़ा हो गया। शायद में बहुत घबरा गया था.. XXX Hindi मेरे दिल पर तो हज़ारों बूंदे गिर गयी और मेरा दिल ज़ोर ज़ोर से धक धक कर रहा था। आज रूम में सिर्फ़ में और मेडम ही थे और सभी सदस्य दूसरे रूम में थे।फिर मेडम ने मुझे पढ़ाना शुरू कर दिया.. में टॉपिक्स पर कम ध्यान देता और उन पर ज्यादा ध्यान देता। तो मेडम मुझे डाँटती और कहती कि तुम मुझ पर कम ध्यान दो और अपनी पढ़ाई करोl वो कभी कभी मेरा हाथ पकड़कर मुझे लिखने का इशारा भी देती जिससे उनके बूब्स मुझे छू जाते वो कभी कभी मुझे थप्पड़ मारने की जगह मेरे गाल पर अपना हाथ घुमा देती और बस उनके छू जाने से ही मेरे जिस्म में आग सी लग जाती।फिर बस ऐसे ही दिन कटने लगे और फिर में घर पर पहुंचकर हर रोज उनको याद करके जमकर मुठ मारता। एक दिन में उनके घर पहुंचा तो मेडम ने ही आकर गेट खोला वो क्या कयामत लग रही थी? लेकिन कुछ देर बड़ी बेसब्री से इंतजार करने के बाद भी मेडम नहीं आई..















