शायद रोज इसी समय चुदाई करते हो.. XXX Hindi चलो अभी घर चलते हैं.. पर अगली बार 2-3 बार जरूर चोद देना।मैं- बस इतना ही.. जो पानी छोड़ रही थी.. अब तो घर की चूतों को फाड़ने में लगे होगे।मैंने चौंकते हुए पूछा- तुम्हें कैसे पता?कोयल- कल रात तुम्हें डिब्बा लेकर लेट्रिंग जाते देख कर मैं भी तुम्हारे पीछे आई थी। मैंने सोचा था कि चलो आज फिर हगते हुए विभूति के बड़े लण्ड से चुदा लेती हूँ.. और हाँ गाँव की चूतें जो तुमने अपने बड़े लण्ड से भोसड़ा बना दी हैं.. और खूब चोद-चोद कर खुश रखना। अभी के लिए मैं बिना तुम्हारा लण्ड लिए चली जाती हूँ.. क्योंकि बेटा अब तू बड़ा हो गया है न.. वहीं सभी गाँव की औरतें भी लेट्रिंग जाती थीं। लेट्रिंग के लिए माँ मुझे अपने पास ही बिठाती थीं, हमेशा अपनी माँ की चूत गाण्ड रोज देखता था। लेट्रिंग के बाद माँ मुझे नहलाया करती थीं। नहाने से पहले.. चाट इसे.. तो फिर अब तुम भी भाभी के जैसी मालिश के लिए तैयार हो या नहीं?माँ- मैं तो सालों से इसी दिन का इन्तजार कर रही हूँ बेटा।माँ के ऐसे कहते ही मैंने माँ को खड़ा किया और चूमने लगा। माँ के होंठ क्या मस्त नरम और मादक थे.. मालिश के लिए.. आह.. आज मेरी बुर को..















