लगा ली।अब शाजिया ने नाइटगाउन के सामने के हिस्से को थोड़ा नीचे खींच लिया और कालर को थोड़ा फैला ली। अब उसकी दोनों गोलाइयां गहराई के साथ दिख रही थीं। शाजिया अब दरवाजा खोलने के लिए तैयार थी। शाजिया को नींद ही नहीं आ रही थी।शाजिया मन ही मन सोच रही थी की कैसे दरवाजा खोलेगी और क्या करेगी? हिंदी XXX पुरुष के जिश्म की जरूरतें होती हैं और शंभू चाचा ने इतने सालों पे अगर खुद पे काबू किया तो ये तो बहुत बड़ी बात है। ये तो सरासर मेरी गलती है की मैं ही इनकी परेशानी का सबब हूँ”.शाजिया फिर शाहिद से पूछी- “इन्होंने दूसरी शादी क्यों नहीं की। इन्होंने पहली पत्नी के मर जाने के बाद भी दूसरी शादी नहीं की…शाहिद हँसते हुए बोला- “मुझे क्या पता जान की इन्होंने दूसरी शादी क्यों नहीं की? क्या इन्हें औरत की कमी महसूस नहीं होती होगी, तुम तो एक हफ्ते में पागल हुए जा रहे थे…”शाहिद हँस दिया और बोला- “जिसके पास तुम जैसी हसीन बीवी हो वो एक हफ्ते क्या एक दिन में ही पागल हो जाएगा। मैं बहुत खुशनशीब हूँ की तुम्हारे जैसी खूबसूरत लड़की मेरी बीवी है…”अब हँसने की बारी शाजिया की थी। वो हँसती हुई बोली- “इतनी भी खूबसूरत तो नहीं हूँ..शाहिद ने उसे पीछे से पकड़ लिया और बोला- “तुम माल हो, मस्त माल… गोरा चिकना बदन तुम्हारी















