हा हा हा …..ऊऊऊ ….ऊँ. हा हा हा …..ऊऊऊ ….ऊँ. हिंदी XXX [मेरी कामवाली का नाम] क्या तुम मुझे चूत मारने को दे सकती हो???” मैंने उसे छेड़ते हुए कहा।वो बार बार मुस्कारा रही थी। मैं समझ गया की मामला गर्म है। ये पट जाएगी फिर मैं भी उसके साथ पोछा लगाने लगा। फिर मैंने उसे पकड़कर किस कर लिया। मैं फिर से उसे पकड़ने लगा तो वो शरमाकर भागने लगी और पोछा मारने वाली बाल्टी गिर गयी और कमरे में सब तरफ पानी गिर गया।मेरी कामवाली का पैर फिसल गया और वो गिर गयी। मैं उसे बचाने लगा तो मेरा पैर भी फिसल गया और मैंने उसके उपर ही गिर गया। हम दोनों पानी में लोटने लगे और हम दोनों पूरी तरह से भीग गये थे। मेरी कामवाली शोभा की पूरी साड़ी भीग गयी और उसका ब्लाउज भी भीग गया था।जैसे ही हम दोनों उठने की कोशिश करते हम फिर से सरक जाते। शायद उपर वाला भी चाह रहा था की आज हम चुदाई का काण्ड कर दे। मैंने शोभा [अपनी कामवाली] को पकड़ लिया और उसके होठो को किस करने लगा। शुरू शुरू में वो मना करने लगी और “ऐसा मत करो साब …कोई देख लेगा तो क्या होगा”।पर मैंने उसे नही छोड़ा और पानी में लोटते लोटते मैंने उसे बाहों में भर लिया और किस करने लगा। कुछ देर बाद उसका










