गर्म देसी बालों से भरी पेशाब

अभी ये कमसिन कुंवारी है..’माँ मेरी चूत को पीछे से सहला रही थीं ताकि दर्द न हो। अंकल ने थोड़ा और घुसाया तो मुझे लगा कि अब पूरा हो गया.. हिंदी XXX जो तुम रोजाना रात को अपनी चूत में डलवाती हो।माँ तो बिल्कुल सन्न रह गईं, उन्हें मुझसे ऐसे जवाब की उम्मीद नहीं थी- देखो भूमि, तुम अभी बच्ची हो।‘माँ मैंने आपको बताया नहीं.. कि बेचारी की चूत एकदम कोरी है बहुत आराम से पेलिएगा..‘फ़िक्र मत करो जूही.. कभी अंकल ऊपर तो कभी माँ ऊपर..! उन्होंने दिनेश अंकल की जीन्स की ज़िप धीरे से खोल दी।‘क्यूं आपको.. आप ऐसे ही डर रही हो..इस दौरान माँ ने कुर्ती और सलवार निकाल दी, मेरी चूत को सहलाकर अंकल को दिखाकर बोलीं- देखो जी कितनी चिकनी गुलाबी चूत है.. देखो बेचारी तड़प रही है।जब इस बार अंकल ने अपना सुपाड़ा घुसा दिया तो मुझे लगा कि मेरी जान निकल जाएगी.. देखो बेचारी तड़प रही है।जब इस बार अंकल ने अपना सुपाड़ा घुसा दिया तो मुझे लगा कि मेरी जान निकल जाएगी.. हेल्लो दोस्तों मैं आपकी दोस्त भूमि. तो माँ सिमट सी गईं।‘जूही.. मैंने दिनेश को बोला है कि तुम मेरे बहुत अच्छे दोस्त रंगीला की बीवी हो।‘तुमने मुझसे पूछ कर बोला था क्या..?

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