मुझे जल्दी से चोद डालो!! .अई… उ उ उ उ उ…” करने लगी। मेरे ताऊ का लड़का अब अच्छे से मेरी बुर चाटने लगा था। मेरे चूत से निकलते रस को वो बड़े मजे लेकर पी रहा था। जैसे उसे कोई मीठी मिठाई मिल रही हो। वो तो बस पागल होकर चाट रहा था। इधर मेरा हाल बिगड़ रहा था।“…..सी सी सी सी…तुम्हारी जीभ तो पागल कर रही है….और चाटो मेरी बुर को ….ऊँ. हिंदी XXX ऊँ…ऊँ…ऊँ….” करने लगी। फिर संतोष ने मुझे बड़ा दर्द दे दिया। चुदासा होकर उसने अपना अंगूठा मेरी गांड के कसे छेद में जबरन डाल दिया। मैं दर्द से तडप गयी थी। क्यूंकि उसका अंगूठा बहुत मोटा था और लग रहा था की मेरी गांड को फाड़ ही डालेगा। मैं परेशान होने लगी।“संतोष!! अगर मेरी गांड चोदना है तो प्लीस लंड पर तेल की मालिश कर लेना!” मैं बोली. fuck me hard!! .अई… उ उ उ उ उ…” करने लगी। मेरे ताऊ का लड़का अब अच्छे से मेरी बुर चाटने लगा था। मेरे चूत से निकलते रस को वो बड़े मजे लेकर पी रहा था। जैसे उसे कोई मीठी मिठाई मिल रही हो। वो तो बस पागल होकर चाट रहा था। इधर मेरा हाल बिगड़ रहा था।“…..सी सी सी सी…तुम्हारी जीभ तो पागल कर रही है….और चाटो मेरी बुर को ….ऊँ.















