तो हम दोनों निकल पड़े मथुरा से झाँसी के लिए। हम लोग करीब दो बजे रात को वहाँ पर पहुँचे और पहुँचते ही शुरू हुआ हमारा खेल। रूम पर जाते ही हम फ्रेश हुए और हमने अपने कपड़े पहने और बेड पर आ गये। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.बेड पर आते ही हमारी किस शुरू हो गई पता ही नहीं चला कि हमे कब जोश आ गया और मैंने उसे पटक कर लेटा दिया और उसके ऊपर आ गया और मैंने अपना हाथ उसकी टी-शर्ट में डाला और उसके बूब्स बहुत अच्छे थे। थोड़ी देर में उसकी टी-शर्ट भी उतार दी और में ब्रा के ऊपर से ही उसकी चूचियों को चूस रहा था।मैंने जब उसकी ब्रा उतारी तो देखता ही रह गया उसकी चूची एकदम गुलाबी कलर की थी और मैंने पहली बार किसी लड़की की चूची का दाना पिंक देखा था और उसे चूसने में बहुत मजा आया। उसके बूब्स लगभग 32 के होंगे.. हिंदी XXX वो बोली कि जान तुम्हारा बहुत बड़ा है मुझसे नहीं होगा। तभी मैंने सोचा कि यह तो खड़े लंड पर लाठी लगने वाली बात हो गई।फिर मैंने उसे थोड़ी देर उसके पूरे शरीर को किस किया और वो अपने आपे से बाहर हो गई..















