फिर, मैं उसके घर चला गया..आंटी ने बोला – बेटा, डिनर बना के रख दिया है..मेरे पसंदीदा “राजमा चावल” थे.. खैर, उन दोनों को लेके हम लोग घर आ गये और साथ में सबने डिनर किया.. XXX Hindi मेरा लण्ड पहले, इतना कड़क और बड़ा कभी नहीं हुआ था.. यह लड़की के ऊपर लेटा हुआ है और इतनी ज़ोर ज़ोर से क्यूँ उछल रहा है… ??तो अजय बोला – कहते हैं, ऐसे करने में बहुत मज़ा आता है.. तरीके से अंदर जाएगा भी नहीं और मुझे भी खून निकलेगा तो दिक्कत हो जाएगी…जब उसने “खून” का नाम लिया तो मैं डर गया..उसके बाद, मैं सामान्य हो गया और उसकी चूत में अपनी उंगली डाल के अंदर बाहर, ऊपर नीचे करने लगा.. उसने बहुत बार मुझसे बात करने की कोशिश की पर मैंने नहीं करी.. उन्होंने तोलिये से अपना बदन पोंछा और फिर, वहीं बैठ गये.. थोड़ी देर बाद, वो सब लोग फ्री हो गये.. बहुत सारे लड़के, उसके पीछे थे.. रितु के चले जाने के बाद, मैं बहुत उदास हो गया था क्यूंकी मेरी छुट्टियाँ हो गई थी और आस पास मेरे और कोई दोस्त नहीं थे..मेरे पापा की एक कज़िन रहती थी, गोरखपुर में.. ऐसे ही धीरे धीरे, समय बीतने लगा..अब सबके स्कूल खुल गये थे तो मौका नहीं मिल पाता था, मिलने का..















