मैंने जानबूजकर नंदिनी को अपना मस्त मोटा गदराया लण्ड पकड़ा दिया।जैसै को काँप गयी और डर गयी। मैंने जबर्दस्ती की, और उसके हाथ में अपना मोटा लण्ड पकड़ा दिया। वो शर्म से पानी पानी हो गयी। मैंने फिर से उसे मोटे टाट बोरे पर लिटा दिया और फिरसे उसकी छातियाँ दबा दबाके चूसने लगा। इसी बीच मुझे शरारत सूझी। मैं उसकी दाई छाती कसके दबा दी। वो उछल गयी।मुझे उसके दर्द पर प्यार आ गया। अब मैं उसकी काली निपल्स अपने अंघुठे से मसलने लगा। नंदिनी जी अब तो बड़ी चुदासी हो गयी। मैंने अपने मुँह से नंदिनी जी की सलवार का नारा खोल दिया। उसे नँगी कर दिया। उसकी पैंटी उतार दी। देखा की मेरे निपल्स मसलने से नंदिनी जी की चूत पानी पानी हो गयी है।मत करो! XXX Hindi कितनी खूबसूरत चुच्ची थी । मैं तो बड़ी देर तक नंदिनी की सरल चुच्ची और उसकी खूबसूरती को निहारता रहा।मैंने बड़े प्यार से बड़ा सम्हाल के उसके छाती की निपल्स को हाथ से छू कर देखा। मैंने अपनी उँगलियाँ नंदिनी की सरल चुच्ची की निपल्स पर फहरायी। वो कसक उठी। वो होंठ चबाने लगी। गहरी साँसे लेने लगी। अब उसकी छातियां बड़ी और छोटी होने लगी।मैंने रूककर ये क्रियाकलाप देखने लगा। नंदिनी की धड़कन बढ़ गयी। उसकी चुच्ची जल्दी जल्दी फूलने सिकुड़ने लगी। मैंने बायीं छाती मुँह में भरली जैसी लोग गोलगप्पा मुँह















