हुआ यूँ की मैने कह दिया की “जगाना पड़ेगा उन्हे अब”.उसने मेरे हाथ पर हाथ रखते हुये कहा की “एक काम करो आज मेरे यहा ही रुक जाओ परिवार को क्यों तंग करना” मैने भी ठीक हे कहा ओर अपने ऑफिस बेग से अपने खड़े लंड को छुपाते हुये बाइक को बरामदे मे पार्क करने लगा बेग को आगे लटका कर बाइक पार्क करने मे दिक्कत हो रही थी.जो शिखा ने नोटीस कर लिया ओर उसने कहा की बेग मुझे पकड़ा दो मैने मना किया लेकिन फिर भी उसने बेग मुझसे ले लिया ओर जैसे ही बेग हटाया तो लाइट की रोशनी मे मेरा तने हुये लंड का तंबू उसे दिख गया ओर उसने झट से पूछा मनीष ये क्या है मैने हँसते हुये कहा वही है जो रोज छुपाता हूँ ओर आज तुम ने पकड़ ही लिया.ओर उसने हँसते हुये कहा लल्लू अभी पकड़ा कहा है अभी तक तो हाथ भी नही लगाया. हिंदी XXX सर्दियो का मौसम था मेरी एक फाइनेन्स कंपनी मे नई नई जॉब लगी थी ओर वो काफ़ी अच्छी ओर बड़ी कंपनी है मुझे अभी ऑफीस जाते हुये 2 महीने पूरे नही हुये थे लेकिन अपनी चार्मिंग लुक्स ओर स्वभाव से ऑफीस मे काफ़ी फेमस हो गया था.















