उसके लंड में से थोड़ा थोड़ा गरम गरम पानी सा मेरी चूत को और भी गीला और चिकना कर रहा था. मैने उसे धकेल कर उसको मेरे अंदर से निकालने की कोशिश करी मगर मैं उसको पीछे नही हटा पाई. XXX Hindi उसने बताया के वो अब अपने फ्रेंड का लंड अंदर भी लेना चाहती है. उसका लंबा सख़्त लंड मेरी चूत के फांको के बीच था. जब मैं अपनी चूत पर हाथ फेरती तो बहुत ही अच्छा लगता. मैं अपना दर्द बिल्कुल भूल गयी और उसकी चुदाई का मज़ा लेने लगी. उसकी रफ़्तार बढ़ती गयी और मुझे ऐसे लगा जैसे उसका लंड और भी मोटा होता जा रहा है. मेरे अंदर में से यह गरमाइश मेरे पूरे बदन में फैल गई. एक किचन, बाथरूम और दो कमरे. मम्मी, पापा दोनो ऑफीस गये हुए थे और मैं घर में अकेली थी. मुझे बहुत अच्छा लग रहा था.मेरी चूत भी खूब गीली हो चुकी थी और मेरे अंदर खूब गरमाइश चढ़ चुकी थी. उसने अपने अगले पैर मेरे बदन के पीछे अटकाए हुए थे और वो मेरे उपर चिप्टा हुआ था.उसका फर मेरे बूब्स और पेट पर सरक रहा था. उसने बताया के लड़के के लंड को हाथ मे लेके सहलाने से वो बढ़ हो जाता है और वो लोहे जैसे सख़्त अकड़ जाता है और उसको फिर मुँह में लेके चूसने में बहुत मज़ा















